भोपाल शहर के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान एलएनसीटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस द्वारा 80वे स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक विशाल एवं भव्य ‘वंदे भारत तिरंगा यात्रा’ का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा में संस्थान के लगभग 7,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय उत्साह के साथ भाग लिया।
यह भव्य रैली भोपाल के ऐतिहासिक टी.टी. नगर स्टेडियम से प्रातः अत्यंत हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के जयघोष के साथ प्रारंभ हुई। हाथों में लहराता राष्ट्रध्वज तिरंगा, सिर पर देशभक्ति की भावना और ‘भारत माता की जय’ व ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी नारों के साथ विद्यार्थियों का जनसैलाब शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ एम.वी.एम.
कॉलेज ग्राउंड पहुँचा, जहाँ इस विशाल यात्रा का गरिमामय समापन हुआ।
यात्रा की मुख्य विशेषताएँ एवं आकर्षण:
7,000 विद्यार्थियों की अनुशासित भागीदारी: यात्रा के दौरान पूरा मार्ग तिरंगे के रंगों से पटा हुआ दिखाई दिया। हाथों में विशाल तिरंगा थामे विद्यार्थियों के अनुशासन और उत्साह ने शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
* सांस्कृतिक एवं देशभक्ति की झलक: रैली के मार्ग में जगह-जगह विद्यार्थियों ने देशभक्ति के गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
* एम.वी.एम. ग्राउंड पर यात्रा का समापन के बाद एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जहाँ सभी उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रगान गाया देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के चेयरमैन जय नारायण चौकसे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना है। युवाओं का यह अभूतपूर्व उत्साह यह दर्शाता है कि हमारे देश का भविष्य सुरक्षित और सशक्त हाथों में है।
कार्यक्रम के अंत में एलएनसीटी ग्रुप ने इस तिरंगा यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और भोपाल की जनता का सहदय आभार व्यक्त किया।साथ ही
इस अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के सचिव डॉ अनुपम चौकसे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:
”युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। ‘वंदे भारत तिरंगा यात्रा’ का मुख्य उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाना नहीं, बल्कि हमारी नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना, नागरिक कर्तव्यों और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के प्रति कृतज्ञता की भावना को जागृत करना है।



